ग्वालियर आरटीओ के अधिकारियों का स्मार्ट चिप का दलाल

ग्वालियर


 


ग्वालियर आरटीओ मुख्य तौर पर बना भागीरथ का एजेंडा स्मार्ट चिप की नोकरी की आड़ में लेता है पूरा ठेका बोलता है कि स्मार्ट चिप में मेरी नोकरी है उसके बाद भी बना फिर रहा है सबका सुभचिंतक बोलता है कि हम प्राइवेट कर्मचारी है और फिर आरटीओ स्मार्ट चीफ में नोकरी का हवाला भी देता है हर माईने से माना जाए तो यह कोई बड़े अधिकारी के मुह लगा है और दोनों बाते करता है सबसे बड़ी कहानी इसकी यह है कि यह कुछ दिन पहले अपनी कार में सरकारी फाइलों के लेकर निकल रहा था तो कुछ पत्रकारो ने इसको पकड़ लिया उस समय यह किस यह किसी स्मार्ट चिप में नही था उस घटना के बाद इसने अपना दिमाग या सलाह करके स्मार्ट चिप में गुश गया जिस से किसी को यह पता रहे कि में आरटीओ में हु बड़ा चालक है बड़ा बातूनी ओर खिलाड़ी है ओर आरटीओ विभाग के पैसे का ठेका भी इसी के पास होता है और इसपर कोई बात आती है तो यह बोलता है कि में तो प्राइवेट आदमी हु मतलब दोनों बाते इसकी होती है सब की हिस्ट्री निकालने में यह बड़ा माहिर है ओर खुद पर आंच आ गयी तो सबको साध लेता है और आरटीओ विभाग के बड़े आला अधिकारी भी इसको बड़ा हीरो मानते है क्यो की यह तो बातुना है और अपने ज्यादा अहंकार में जी रहा है आरटीओ विभाग का किंग ऑफ मेकर बन ता जा रहा है आरटीओ के सारे अधिकारी खुद इसकी करते है नोकरी