भोपाल 10 दिनों के लॉकडाउन में जबरन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुंह छुपा कर घर में बैठेंगे और प्रदेश की जनता को पुनः अनाथ की तरह छोड़ देंगे :- मिर्चीबाबा

भोपाल


मार्च के महीने में जब कोरोना प्रदेश भर में शुरू हुआ था तो यह जबरन व डरपोक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की यशस्वी कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए दिल्ली में बैठकर साजिश रच रहे थे,और भाजपा को कांग्रेस के विधायक खरीद कर आत्मनिर्भर बना रहे थे।


आज जब कोरोनावायरस गांव गांव व शहर शहर फैल चुका है तो इस जबरन मुख्यमंत्री को जिसे प्रदेश की जनता ने पिछले चुनाव में नकार दिया था,तो यह मंत्रिमंडल विस्तार में ढाई महीने से अधिक समय लेकर कोरोनावायरस के फैलने का का इंतजार कर रहा था।


आज जब करोना घर-घर, गली-गली फैल चुका है हर जिले में फैल चुका हैतो इस जबरन मुख्यमंत्री और इनके बिकाऊ मंत्रिमंडल व खरीद-फरोख्त कर बनाए गए मंत्रिमंडल को कुछ समझ बूझ नहीं पड़ रही है, जनता त्रस्त है, किसान आत्महत्या कर रहा है, लोगों के रोजगार छिन गए हैं, मजदूरों के बच्चे भूखे पेट सो रहे हैं, तब भी इस जबरन मुख्यमंत्री को छल कपट की राजनीति के अलावा कुछ नहीं सोच रहा है।


यह आज भी कांग्रेस के विधायकों को पैसे का और पद का प्रलोभन देकर बीजेपी में शामिल कराने में लगे हुए हैं.


लॉकडाउन कुछ ना समझ आने के कारण पैरों के नीचे से जमीन खिसकने के कारण, जनता में उठे त्राहिमाम के कारण, मजदूरों और किसानों की चीखों के कारण, जबरन मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया मजबूरी वाला कदम है,इस 10 दिनों में वह मुंह छुपा कर घर में बैठेंगे और प्रदेश की जनता को पुनः अनाथ की तरह छोड़ देंगे परंतु मैं आपके माध्यम से बताना चाहता हूं कि प्रदेश की जनता अनाथ नहीं है,सितंबर अक्टूबर में होने वाले में उप चुनाव में प्रदेश की जनता सभी 26 सीटों पर यशस्वी कमलनाथ जी की पूरे बल और बहुमत से वापसी कराएगी और इस जबरन मुख्यमंत्री को राजनीतिक काला पानी की सजा देगी।।